संगीत से संस्कार आ संस्कार से समाज के बारे में पता चलेला ! जब दुनिया पंडित रविशंकर के सुनेला ता वोकरा भारतीय संगीत, भारतीय संस्कार, आ भारतीय समाज के बारे में पता चलेला ! हमारा बहुत दुःख होला जब हम आजकल के भोजपुरी संगीत सुनेनी ! कौनो प्रकार से ई भोजपुरी संस्कार चाहे भोजपुरी समाज के तरह नइखे !
पईसा के दलदल में संगीत अईसन उलझ गईल बा की एकरा अच्छा बुरा के कौनो परवाह नईखे रह गईल ! गायक लोग ये ईहो नईखे बुझात की एकर केतना बुरा असर हमरा समाज पर पड़ रहल बा ! भोजपुरी भाषा के सारा शालीनता ख़तम कर देले बारा सन ई गाना ! आजकल भोजपुरी के मतलब फुहरपन आ अश्लीलता ही रह गईल बा !
अईसन बात नईखे की सब गायक लोग अईसने बा लेकिन अधिकता के कारण ईहे लोग ज्यादा प्रचलित बा ! हम आशा करा तानी की ये लोग बात समझ में आई आ ई लोग पईसा के चक्कर छोड़ के भोजपुरी संगीत पे ध्यान दी !